पिछली कहानी भाई बहन की करतूतें – 43 में अपने पढ़ा अब उसके आगे , दोस्तों कहानी लम्बी है इसलिए कई पार्ट है पिछली कहानी का लिंक ये रहा
”मैंने कहीं पढा है, जब लड़कों को ऑर्गस्म होता है तो वहाँ से स्पर्मस का पानी निकलता हैं, क्या तुम्हारे भी निकलते हैं?”
निकिता ने उत्सुकता से पूछा। मैंने उसकी नंगी चूत की तरफ़ देखने लगा, मेरा हाथ अभी भी उसके ऊपर रखा हुआ था, मैं मन ही मन सोचने लगा कि कितना मजा आयेगा अगर इस तरह एक हाथ उसकी नंगी चूत पर रखकर, उसकी चूत को निहारते हुए, उसकी चूत की गँध को सूँघते हुए मैं मुट्ठ मारूँ। मैंने उसके सवाल के जवाब में बस हामी में गर्दन हिला दी। मैं मुट्ठ मारकर लण्ड से निकलने वाले वीर्य के पानी के बारे में कोई डिस्कशन नहीं करना चाहता था, लेकिन अब जब निकिता ने पूछ ही लिया था तो मैंने गर्दन हिलाकर कहा, ”हाँ।”
अब मेरी बारी थी, मैंने उसकी तरफ़ देखते हुए पूछा, ”और तुम कैसे होती हो?”
”कुछ महीनों से,” उसने बोलना शुरु किया, ”मेरा भी वहाँ से पानी निकलता है, लेकिन शुरु में नहीं निकलता था।” उसने अपने बाँयें हाथ से मेरे राईट हैण्ड को अपनी चूत की स्लिट पर और जोर से दबा दिया, और बोली, ”जब मैंने शूरुआत में करना शुरु किया था तो बहुत मजा आता था।” उसने स्वीकरोक्ति के लिये मेरी आँखों में आँखें डाल के देखा, और बोली, ”मेरा मतलब बहुत मजा लेकिन जैसे जैसे मैं एक्स्पीरिएन्स्ड होती गयी तो और ज्यादा मजा आना शुरु हो गया, यू नो?” उसने एक गहरी साँस ली, और फ़िर आगे बोलना शुरु किया, ”और पिछले कुछ दिनों से तो मुझे पहले ही पता चल जात है कि अब मैं होने वाली हूँ और इतना ज्यादा मजा आता है कि होने के बाद मेरा पूरा शरीर हल्का हल्का हो जाता है।”
मेरा मुँह और गला पूरी तरह सूख चुके थे, और बोलने से पहले मैंने थूक निगला और फ़िर मुस्कुराते हुए बोला, ”स्कूल में एक दोस्त ने मुझे बताया, उससे पहले मुझे नहीं पता था कि लड़कियाँ भी ये करती हैं।”
”हाँ लड़कियाँ भी करती हैं, ऑल राईट,” निकिता भी मुस्कुरा दी। मेरा दायाँ हाथ उसकी चूत की गर्माहट और चिकनाहट मेहसूस कर रहा था।
”हाँ लड़कियाँ भी करती हैं, ऑल राईट,” निकिता भी मुस्कुरा दी। मेरा दायाँ हाथ उसकी चूत की गर्माहट और चिकनाहट मेहसूस कर रहा था।
”मुझे एक आईडिया आया है,” निकिता धीमे से बोली, ”अगर मैं अपने आप वहाँ पर टच करूँ और तुम देखो, तो क्या तुम भी मुझे दिखाओगे कि तुम कैसे करते हो?”
किसी के सामने मुट्ठ मारने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता था, लेकिन अगर बदले मे, निकिता को करते हुए देखने का चाँस मिल रहा था, तो मैंने सोचा क्यों नहीं?” लेकिन फ़िर मैंने प्रैक्टीकल आस्पेक्ट देखे, और दूसरी तरफ़ देखते हुए धीमे से कहा, ”यहाँ सोफ़े पर ठीक नहीं रहेगा।”
”क्यों” निकिता ने पूछा। उसके शायद समझ में नहीं आया, या उसको इसका आईडिया नहीं था।
मुझे थोड़ा असहज लगा, लेकिन फ़िर भी मैं मुस्कुराकर बोला, ”यहाँ सब गँदा हो जायेगा,” फ़िर से उसकी नँगी चूत की तरफ़ देखते हुए बोला। इस बार मैंने उससे नजर चुराने के लिये ऐसा किया था।
निकिता ने एक गहरी साँस ली, और फ़िर बात को समझते हुए पूछा, ”सच में? क्या इतना ज्यादा निकलता है?”
मैंने सरलता से कहा, ”ढेर सारा।”
”मेरे रूम में करना पसंद करोगे?” निकिता ने पूछा। उसकी आवाज में मुझे हैल्प करने वाली टोन थी।
पूछने से पहले मैं थोड़ा अचकचाया, लेकिन फ़िर मैंने पूछा, ”तुम्हारे पास हैण्ड क्रीम तो होगी ना?” उसने कुतिलता से मुस्कुराते हुए, हाँ में गर्दन हिला दी। उसकी चूत गर्म और चिकनी हो रही थी, और उसने जब अपना हाथ मेरे हाथ के ऊपर से हटा लिया, तो मैंने भी अपना हाथ अनमने मन से उसकी चूत के ऊपर से हटा लिया।
निकिता ने मेरे होंठों को एक बार फ़िर से किस किया, और फ़िर उठ कर खड़ी हो गयी। उसकी चूत मेरी आँखों को चुम्बक की तरह आकर्षित कर रही थीं, और मैं अपने आप को वहाँ देखने से नहीं रोक पा रहा था। उसने अपने आप को नीचे की तरफ़ देखा, और फ़िर मुझे देखा, उसकी आँखों मे एक चमक थी, वो मुस्कुराते हुए बोली, ”कम ऑन, बहुत मजा आयेगा।” उसने फ़र्श पर पड़े अपने शॉर्ट और पैण्टी को उठाया और अपने रूम की तरफ़ चल दी।
मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि ये सब सचमुच में हो रहा था, मैं भी उठकर निकिता के पीछे पीछे चल दिया, चलते हुए मेरी नजरें उसकी नंगी गाँड़ पर टिकी हुई थीं। मैं इस बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा था कि किसी अन्य व्यक्ति के सामने मुट्ठ मारते हुए मैं क्या करने वाला था, मैं तो बस यही सोचने में मशगूल था कि निकिता अपनी चूत में उँगलियों से खेलने वाली थी और वो भी मेरी आँखों के सामने।
जब हम दोनों उसके रुम में घुस गये तो निकिता ने पूछा, ”हम कैसे करने वाले हैं?” उसने मेरी जीन्स को देखा, जिसमें मेरे लण्ड का उभार साफ़ नजर आ रहा था, उसको देखकर उसने एक गहरी साँस ली।
”एक दूसरे के पास लेटकर,” मैंने कहा, हाँलांकि एक्साइट्मेन्ट के बावजूद ऐसा बोलते हुए मैं थोड़ा असहज हो गया। निकिता ने ड्रैसिंग टेबल से उठाकर मुझे एक हैण्ड क्रीम की ट्यूब दे दी, और पूछा, ”सही रहेगी ये?” उसे क्या पता था कि मैंने उससे उसकी हैण्ड क्रीम इसी परपज मे लिये ना जाने कितनी बार उसकी अनुपस्थिति में उसके रूम से उठाकर यूज की थी। जब उसने वो क्रीम मेरे हाथ में दी तो मैंने हामी में गर्दन हिला दी।
निकिता जल्द से जल्द शुरू कर देना चाहती थी, वो तुरन्त बैड पर चढ गयी, और एक तरफ़ खिसककर मेरे लिये जगह बना दी।
मैं भी बैड पर निकिता के राइट साइड में सहारा लगाकर बैठ गया। ”क्या तुम देखना चाहोगे कि लड़कियाँ किस तरह करती हैं?” उसने प्यार से पूछा। मैंने कुछ ज्यादा ही बेकरार होते हुए तुरन्त कहा, ”हाँ जरुर।”
निकिता ने अपने राइट हैण्ड की पहली उंगली को मुँह में डालकर चाटा, और कहा, ”जनरली मैं अपनी उँगली को गीला कर के शुरुआत करती हूँ, लेकिन,” एक क्षण को वो रुकी, मेरी तरफ़ देखा, ”जब तुम मुझे टच कर रहे थे तो मैं ऑलरेडी थोड़ी वैट हो गयी थी।” उसने मेरी तरफ़ सर कर के मेरे होंठों को फ़िर से चूम लिया, सोफ़े से उठने के बाद हमने पहली बार किस किया था। उसने आगे कहा, ”वैसे उसमें भी बहुत मजा आया।”
निकिता ने अपनी उँगली अपनी चूत की दरार पर रख ली, और धीरे धीरे उस्को सहलाने लगी। मैं थोड़ा और ज्यादा उठ कर बैठ गया जिससे और बेहतर ढंग से देख सकूँ कि वो क्या कर रही है, और मैंने देखा कि उसकी उंगलियाँ चूत के अंदरूनी लिप्स को प्यार से अलहदा कर रही थीं। बिना मेरी तरफ़ देखे उसने कहा, ”नॉर्मली, थोड़ा ज्यादा टाईम लगता है, लेकिन एक बार जब मैं वैट हो जाती हूँ तो उससे मैं अपनी क्लिट को भी वैट कर लेती हूँ, और फ़िर प्यार से अपनी इस क्लिट ऐसे को सहलाती रहती हूँ।” मैं निकिता को अपनी चूत के दाने यानि क्लिट को सहलाते हुए देख रहा था, और ये देख कर अचम्भित था कि वहाँ उसकी उँगलियों पर और उसकी चूत के होंठो के बीच ऑलरेडी कितना सारा जूस था।
उसने मेरे लण्ड के उभार की तरफ़ देखते हुए कहा, ”अब तुम भी मुझे दिखाओ कि तुम कैसे करते हो।”
मुझे मुट्ठ मारनी थी, हाँलांकि किसी दूसरे के सामने में ऐसा करना थोड़ा अजीब था, लेकिन निकिता जिस तरह से मेरे सामने अपने आप को टच कर रही थी, मैंने अपनी जीन्स का बटन खोलकर उसको पैरों के नीचे खिसका कर बैड के पास के पास रख दिया। मैंने अपना अण्डरवियर भी उतार दिया, लेकिन सिर्फ़ इतना कि मेरा लण्ड और टट्टे ही बाहर निकले। मेरा लण्ड एकदम लक्क्ड़ बना हुआ था, हाँलांकि वो इतना बड़ा नहीं था, लेकिन फ़िर भी निकिता ने उसको अचम्भित होकर देखते हुए पूछा, ”ये इतना बड़ा लड़कियों के वहाँ पर कैसे घुस जाता है?”
मेरे दिमाग में और कोई जवाब नहीं सुझा और मैंने कहा, ”हाँ घुस ही जाता होगा।” निकिता ऑलरेडी लम्बी लम्बी साँसे ले रही थी, और उसकी छाती जोरों से ऊपर नीचे हो रही थी, उसने अपनी चूत को सहलाना थोड़ा स्लो किया और कहा, ”मैं थोड़ा स्लो स्लो करती हूँ, नहीं तो कहीं ऐसा ना हो कि तुम्हारे शुरू करने से पहले ही मैं हो जाऊँ।” उसने मेरे खड़े हुए लण्ड की तरफ़ देखा, और उत्सुकता से मुस्कुराते हुए अपनी चूत को प्यार से टच करने हुए बोली, ”कम ऑन, शो मी।”
मैंने उसकी हैण्ड क्रीम को थोड़ा सा हाथ पर लिया, और फ़िर उस को हथेली पर लेकर उससे अपने लण्ड को चिकना किया। और फ़िर अपनी हथेली को अपने लण्ड के गिर्द लपेटा, जैसा की मैं हमेशा किया करता था, और फ़िर उसको ऊपर नीचे करके मुट्ठियाते हुए अपने चिर परिचित परमानंद को प्राप्त करने का प्रयास करने लगा। मैं निकिता को किस करने के बाद और उसकी चूत को सहलाने के बाद झड़ने के बेहद करीब पहुँच चुका था, लेकिन किसी तरह मैं अपने आप पर काबू किये हुए था, जिस से क्लाइमेक्स को थोड़ा और डिले किया जा सके। मैं निकिता के झड़ने से पहले अपना वीर्यपात नहीं होने देना चाहता था।
”कितना टाईम लगता है तुमको?”
”डिपेण्ड करता है,” मैंने अपने लण्ड को मुट्ठियाते हुए कहा, ”अगर तुम होल्ड कर सकती हो, तो मैं और ज्यादा देर तक रुक सकता हूँ।”
”तो क्या तुम अपने आप को होल्ड किये हुए हो?” निकिता ने पूछा।
”हाँ, थोड़ा होल्ड कर ही रखा है,” मैं मस्ती में डूबता हुआ बोला, ”मैं चाहता हूँ कि मेरा पानी निकलने से पहले तुम झड़ जाओ।”
”ओफ़्फ़ो, श्रेयांश हो भी जाओ,” निकिता मुस्कुराते हुए बोली, ”मैं सच कह रही हूँ, मैं तुमको होते हुए देखना चाहती हूँ, उसके बाद तुम मुझको होते हुए देखना।” निकिता अपनी चूत को धीरे धीरे प्यार से सहला रही थी, लेकिन फ़िर यकायक उसने अपना हाथ अपनी चूत से हटा लिया, और फ़िर अपनी राईट साईड में करवट लेकर, मेरे और करीब आते हुए पूछा, ”मै इसको थोड़ा छू लूँ?”
मैं तो जल्दी से जल्दी अपने लण्ड से वीर्य निकाल कर ऑर्गस्म पाने को बेताब हो रहा था, लेकिन इस अवसर को खोना बेवकूफ़ी होती। मैंने अपना हाथ लण्ड से हटा लिया, और निकिता ने प्यार से अपना लैफ़्ट हैण्ड मेरे खड़े औजार पर लपेट लिया। ”ओह, श्रेयांश ” वो बोली, ”ऐसा लग रहा है मानो इसके अन्दर सॉलिड बोन हो!” उसने लण्ड के सुपाड़े और शिश्न पर अपने अँगुठे को फ़िराया, मैं तो इस एहसास से जन्नत में पहुँच गया, और फ़िर वो उसको अपने बाँये हाथ से उसी तरह मुट्ठियाने लगी जैसे मैं मुट्ठियाता था।
”तुम भी ऐसे ही करते हो ना?” निकिता ने पूछा।
”हाँ,” मैंने कहा, ”बहुत मजा आ रहा है,” निकिता को मुट्ठियाते हुए देखकर मैं होशो हवास खो बैठा था। उसका हाथ हाँलांकि बिल्कुल सूखा था, लेकिन फ़िर भी बहुत मजा रहा था। उसने मुट्ठियाना यकायक रोक दिया और कहा, ”म्मुझे लगता है कि थोड़ी सी वो क्रीम लगा लेनी चाहिये।” उसने मेरे बैडसाईड के राइट पर रखी उस क्रीम की ट्यूब को उठाने के लिये मेरे ऊपर चढकर हाथ बढाया, ऐसा करते हुए उसकी लैफ़्ट चूँची मेरे चेहरे को छू गयी, और उसकी झाँटें मेरे लैफ़्ट हिप और पेट को सहला गयीं। मैं तो सातवें आसमान पर पहुँच गया।
Part 5 coming soon












